पहले के समय में जब लोग जमीन/ प्रॉपर्टी की खरीदारी करते थे तो प्रॉपर्टी की खरीदी तो हो जाती थी परंतु जब रजिस्ट्री करवाने की बारी आती थी तो इस स्थिति में लोगों को रजिस्ट्री के नियम की पूरी जानकारी न होने के कारण से उन्हें कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे लेकिन फिर भी उनका काम पूरा नहीं हो पता था और उन्हें इसके कारण अनेक दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता था।
हालांकि अब समय बदल चुका है जिसके कारण से अब कोई भी व्यक्ति घर या जमीन खरीदने के बाद बिना किसी सरकारी दफ्तर का चक्कर लगाए हुए और बिना किसी समस्याओं का सामना किए हुए उसकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। जिन व्यक्तियों ने हाल ही में जमीन या कोई मकान खरीदा है या फिर वह आने वाले समय में जमीन की खरीदी करने का प्लान बना रहे हैं तो उनको रजिस्ट्री के नियमों की जानकारी होनी चाहिए।
ऐसे सभी व्यक्ति जिन्हें जमीन खरीदना है तो उनके लिए उसकी रजिस्ट्री पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है और कुछ समय पहले ही केंद्र सरकार के द्वारा जमीन रजिस्ट्री के नियम में एक बहुत बड़ा बदलाव किया गया है जिसे पूरे देश में भी लागू किया जा चुका है जिसे जमीन खरीदने वालों को अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। जिन व्यक्तियों को रजिस्ट्री की जानकारी नहीं है उनके लिए आर्टिकल बेहद उपयोगी होने वाला है क्योंकि आर्टिकल में रजिस्ट्री संबंधित नए नियम के बारे में वर्णन किया गया है।
Land Registry New Rules
यदि आप सभी व्यक्तियों को भी वर्तमान समय में सरकार द्वारा जारी किए गए रजिस्ट्री के नियमों की पूरी जानकारी होगी तो निश्चित ही आप सभी के लिए जमीन की खरीदारी के बाद में रजिस्ट्री करवाने में कोई भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा और आप आसानी से रजिस्ट्री पूरी कर सकेंगे। आप सभी को पता होगा कि पहले रजिस्ट्री के लिए सरकारी दफ्तर जाना पड़ता था यानी कि राजस्व विभाग जाना पड़ता था लेकिन अब समय बदल गया है और डिजिटल हो चुका है इसलिए रजिस्ट्री प्रक्रिया भी डिजिटल होती जा रही है।
चूंकि यह नियम संपूर्ण देश में लागू किया गया है इसलिए अब देश के सभी लोगों को सरकार द्वारा जारी किए गए रजिस्ट्री के नए नियम का पालन करना होगा। केंद्र सरकार के द्वारा सभी राज्य की सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने रजिस्ट्री विभाग को नियम की जानकारी दें और लोगों से नियम पालन करवाने के निर्देश दें और देश के अनेक राज्यों में यह नियम पहले से ही जारी हो गया है।
पेन कार्ड के बिना अब नहीं होगी जमीन की रजिस्ट्री
भारत सरकार के द्वारा जमीन संबंधित रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए और काले धन पर रोक लगाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं और अब कोई भी व्यक्ति अगर जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री करते है सर्वप्रथम उनके लिए पैन कार्ड की आवश्कता पड़ेगी क्योंकि अब रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है और रजिस्ट्री के दौरान पैन कार्ड का ऑनलाइन माध्यम से वेरिफिकेशन किया जाता है।
यदि कोई व्यक्ति रजिस्ट्री करवाता है और रजिस्ट्री के समय में प्रस्तुत किए गए पैन कार्ड वेरिफिकेशन के दौरान अगर उसमें अवैध पैन नंबर आ जाता है तो संबंधित व्यक्ति की जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया रुक जाएगी और हम इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि पैन कार्ड रजिस्ट्री प्रक्रिया में कितना अहम है।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला
रजिस्ट्री संबंधित निर्णय सरकार के द्वारा इस उद्देश्य के साथ में लिया गया है ताकि रजिस्ट्री के नए नियम के माध्यम से बेनामी संपत्ति पर लगाम लगाई जा सके साथ ही जो लोग अब तक नगद में संपत्ति खरीद लेते थे और इनकम टैक्स में अपनी आय छुपा लेते थे जिसके कारण से सरकार को राजस्व का नुकसान हो जाता था और ऐसी अनेक घटनाएं सामने आने के कारण काले धन का उपयोग भी बढ़ता जा रहा था लेकिन अब रजिस्ट्री का नियम आने से ऐसी स्थिति नहीं बन पाएगी।
रजिस्ट्री के नए नियम आज आने के बाद से अब हर रजिस्ट्री का रिकॉर्ड डिजिटल डेटाबेस से जुड़ जाता है जिससे यह सुनिश्चित हो जाता है कि जो व्यक्ति जमीन खरीद रहा है उसकी पहचान एवं उसकी वित्तीय स्थिति वेरीफाई हो जाती है जिसके कारण से अब न केवल फर्जीवाड़े की घटनाएं रुक जाएगी बल्कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ जाएगा।
जमीन रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज
- पैन कार्ड
- आधार कार्ड
- खसरा नंबर और खतौनी
- सेल एग्रीमेंट
- भूमि का नक्शा
- पासपोर्ट साइज फोटो
- टैक्स रशीद आदि।
डिजिटल रजिस्ट्रेशन से प्रक्रिया होगी आसान
सरकार द्वारा विचार किया गया है कि आने वाले समय में रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया जाए ताकि लोगों को घर बैठकर ही जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरा करने में मदद मिले। जब लोगों के द्वारा पैन कार्ड एवं आधार कार्ड की सहायता से ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा तो फर्जीवाड़े की घटनाएं लगभग खत्म हो जाएंगे एवं साथ में भ्रष्टाचार पर भी रोक लग जाएगी और भ्रष्टाचार कम होगा जिसके परिणाम स्वरूप जनता का पैसा एवं समय दोनों ही बच सकेगा।









